“सोने की कीमतें आज रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जहां 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए ₹1,58,220 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी 1 किलोग्राम के लिए ₹3,30,000 से ₹3,45,000 के बीच है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक व्यापार युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव और औद्योगिक मांग से चांदी 10 दिनों में ₹4 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है। बाजार में तेजी का दौर जारी है, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।”
आज भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और मजबूत मांग से प्रेरित है। MCX पर सोने के फ्यूचर्स ने ₹1,58,339 प्रति 10 ग्राम का स्तर छुआ, जो पिछले बंद से 5.16% की बढ़ोतरी दर्शाता है। तीन दिनों में सोने में ₹15,822 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई है। चांदी भी रिकॉर्ड हाई पर पहुंची, जहां MCX फ्यूचर्स ₹3,35,500 प्रति किलोग्राम तक गए, जो 3.34% की तेजी दिखाता है।
वैश्विक स्तर पर Comex gold फ्यूचर्स $4,880.9 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे हैं, जो $113.4 की बढ़ोतरी है। Comex silver $94.79 प्रति औंस पर है, जो रिकॉर्ड $95.53 से थोड़ा नीचे है। भारत में आयात शुल्क और प्रीमियम के कारण कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर से ऊंची हैं।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम)
नीचे दी गई तालिका में आज की कीमतें और बदलाव दिखाए गए हैं:
| शहर | कीमत (₹) | बदलाव (₹) | प्रतिशत बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,57,940 | +7,240 | +4.81 |
| मुंबई | 1,58,220 | +7,260 | +4.81 |
| चेन्नई | 1,58,500 | +7,280 | +4.82 |
| बेंगलुरु | 1,57,260 | +7,480 | +5.00 |
| हैदराबाद | 1,57,260 | +7,480 | +5.00 |
| अहमदाबाद | 1,58,000 | +7,200 | +4.77 |
ये कीमतें IBJA और MCX डेटा पर आधारित हैं, जहां दिल्ली और मुंबई में सबसे ज्यादा स्थिरता देखी गई, जबकि दक्षिणी शहरों में उछाल ज्यादा तेज रहा।
प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें (प्रति किलोग्राम)
चांदी की कीमतों में भी विविधता है, खासकर क्षेत्रीय मांग के कारण:
| शहर | कीमत (₹) | बदलाव (₹) | प्रतिशत बदलाव (%) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 3,30,000 | +15,000 | +4.76 |
| मुंबई | 3,24,930 | +16,000 | +5.18 |
| चेन्नई | 3,45,000 | +20,000 | +6.15 |
| बेंगलुरु | 3,25,190 | +10,000 | +3.17 |
| हैदराबाद | 3,45,000 | +20,000 | +6.15 |
| कोलकाता | 3,30,000 | +15,000 | +4.76 |
चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की कीमतें सबसे ऊंची हैं, जो औद्योगिक खपत से जुड़ी हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की तेजी का मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितताएं हैं, जैसे US-China व्यापार युद्ध, ट्रंप प्रशासन की टैरिफ धमकियां और Greenland से जुड़े विवाद। ये कारक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ा रहे हैं। एक प्रमुख कमोडिटी एनालिस्ट ने कहा कि “सोना $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है, जो भारतीय बाजार में ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम के बराबर होगा।”
चांदी के लिए परिदृश्य और भी आशावादी है। औद्योगिक मांग, खासकर सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में, सप्लाई की कमी पैदा कर रही है। पिछले साल चांदी में 147% की वृद्धि हुई, और अब एक्सपर्ट्स $100 प्रति औंस का लक्ष्य देख रहे हैं, जो भारतीय कीमतों को ₹3,50,000 से ऊपर ले जाएगा। एक इन्वेस्टर ने भविष्यवाणी की कि “चांदी $175 तक जा सकती है, लेकिन 10 दिनों में ₹4 लाख प्रति किलोग्राम छूना संभव है अगर तनाव बढ़े।”
बाजार ट्रेंड्स और प्रभावित करने वाले कारक
भू-राजनीतिक तनाव: ट्रंप की Greenland टैरिफ धमकियां और रिसोर्स नेशनलिज्म ने कमोडिटी बाजार को हिला दिया है। US और China दोनों महत्वपूर्ण संसाधनों पर नियंत्रण चाहते हैं, जो सोने-चांदी को बूस्ट दे रहा है।
मुद्रास्फीति और फेड नीतियां: ऊंची मुद्रास्फीति और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर सवालों ने सोने को इन्फ्लेशन-प्रूफ एसेट बनाया है। एक्सपर्ट्स 2026 के अंत तक $5,000-$5,400 प्रति औंस की भविष्यवाणी कर रहे हैं।
औद्योगिक मांग: चांदी की 150% वार्षिक वृद्धि सप्लाई डेफिसिट से आई है। सिल्वर माइनिंग स्टॉक्स अंडरवैल्यूड हैं, जो आगे तेजी का संकेत देते हैं।
निवेश पैटर्न: ETF इनफ्लो और सेंट्रल बैंक रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन सोने को $5,000 की ओर धकेल रहे हैं। सिल्वर में कॉन्ट्रेरियन ट्रेडर्स पुलबैक की निगरानी कर रहे हैं, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड बुलिश है।
घरेलू कारक: भारत में त्योहारों की मांग और आयात बढ़ने से कीमतें ऊंची हैं। रुपए की कमजोरी (USD ₹91.62) ने अंतरराष्ट्रीय कीमतों को बढ़ावा दिया।
एक्सपर्ट्स निवेशकों को सलाह देते हैं कि शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में सतर्क रहें, क्योंकि पुलबैक संभव है अगर मुद्रास्फीति कम हो या तनाव घटे। लॉन्ग-टर्म में सोना और चांदी दोनों मजबूत रहेंगे।
एक्सपर्ट ओपिनियन: चांदी की तेजी पर फोकस
पीटर शिफ: चांदी $100 प्रति औंस तक पहुंचेगी, सप्लाई की कमी से।
रॉबर्ट कियोसाकी: $200 का लक्ष्य, हार्ड एसेट्स में रोटेशन से।
रॉबर्ट मालोनी: $375 तक की भविष्यवाणी, मैक्रोइकोनॉमिक ट्रेंड्स से।
गोल्डसिल्वर एनालिस्ट: $175+ की उम्मीद, इंडस्ट्रियल डिमांड से।
जेपी मॉर्गन: सोना $5,055 प्रति औंस औसत, चांदी $58 लेकिन ऊंचे लक्ष्यों की संभावना।
बाजार में वोलैटिलिटी बनी हुई है, लेकिन ट्रेंड बुलिश है। निवेशक फ्यूचर्स, ETF या फिजिकल मेटल्स पर विचार कर सकते हैं।
Disclaimer: यह खबर बाजार ट्रेंड्स पर आधारित है और निवेश सलाह नहीं है। कीमतें बदल सकती हैं, निवेश से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें।






