“भारत में सोने की कीमतों में हालिया नरमी के बीच चीन में लूनर न्यू ईयर से पहले गोल्ड की मांग तेज हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर खरीदारी बढ़ी। भारतीय बैंकों और संस्थागत निवेशकों ने भी सोने की खरीद बढ़ाई है, जिससे विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें जल्द ही रिकवरी कर सकती हैं और नया उच्च स्तर छू सकती हैं। आज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में 1% से अधिक की बढ़त देखी गई, जबकि चांदी में 2% से ज्यादा उछाल आया।”
सोना-चांदी की कीमतें आज लाइव: भारत में सस्ता होते ही चीन में बढ़ी गोल्ड की डिमांड, बैंकों ने भी बढ़ाई खरीदी; उछलेंगे दाम?
भारत में सोने की कीमतें हाल के दिनों में रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आई हैं, लेकिन यह नरमी ज्यादा समय तक नहीं टिक सकती। वैश्विक बाजार में चीन की मजबूत मांग और भारतीय बैंकों की बढ़ती खरीदारी से सोने में तेजी की संभावना बढ़ गई है। आज 13 फरवरी 2026 को एमसीएक्स पर अप्रैल 2026 गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹1,54,000-₹1,54,500 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले सत्र से ₹1,500-₹2,000 की बढ़त दर्शाता है। इसी तरह चांदी मार्च फ्यूचर्स ₹2,40,000-₹2,43,000 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, जिसमें 2-3% की तेजी दर्ज की गई।
भारत में स्थानीय बाजारों में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹1,53,800-₹1,54,500 के बीच है, जबकि 22 कैरेट ₹1,41,000-₹1,42,000 पर ट्रेड कर रहा है। चांदी प्रति किलो ₹2,43,000-₹2,48,000 के रेंज में है। पिछले सप्ताह भारत में सोने पर प्रीमियम घटकर डिस्काउंट में चला गया था, जहां $12 प्रति औंस तक की छूट मिल रही थी, जबकि पहले $70 तक प्रीमियम था। यह बदलाव कीमतों में अस्थिरता और उपभोक्ता मांग में कमी के कारण हुआ।
चीन में स्थिति उलट है। लूनर न्यू ईयर (15-23 फरवरी) से पहले गोल्ड की मांग मजबूत हुई है। शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से जनवरी में 126 टन की निकासी हुई, जो पिछले साल से थोड़ी अधिक है। चीनी बाजार में गोल्ड $8 डिस्काउंट से $10 प्रीमियम तक ट्रेड कर रहा है। ज्वैलरी और बार-कॉइन दोनों में निवेश बढ़ा है, क्योंकि उच्च कीमतों के बावजूद त्योहारी सीजन में गिफ्टिंग और सेल्फ-रिवार्डिंग की प्रवृत्ति बनी हुई है। चीन के रिटेल निवेशक और सरकारी नीतियां गोल्ड को सुरक्षित निवेश के रूप में देख रही हैं, खासकर रियल एस्टेट संकट और कम ब्याज दरों के दौर में।
भारतीय बैंकों ने भी सोने की खरीद बढ़ाई है। आरबीआई और कमर्शियल बैंकों ने रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड खरीदा है। घरेलू स्तर पर गोल्ड ज्वैलरी और बार-कॉइन की मांग निवेशकों में बनी हुई है, जबकि ज्वैलरी डिमांड उच्च कीमतों से प्रभावित है। कई बैंकों ने गोल्ड लोन और डिपॉजिट स्कीम्स में सोने की होल्डिंग बढ़ाई है। वैश्विक सेंट्रल बैंक खरीदारी भी जारी है, जो 2026 में औसतन 60 टन मासिक रह सकती है।
कीमतों पर असर डालने वाले प्रमुख फैक्टर
वैश्विक स्पॉट प्राइस : $4,960-$4,980 प्रति औंस के आसपास, जहां हालिया रिकवरी देखी गई।
चांदी की मजबूती : इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश से चांदी गोल्ड से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
भारतीय बाजार : प्रीमियम घटने से आयात बढ़ सकता है, लेकिन त्योहारी मांग और निवेश से रिकवरी संभव।
जियोपॉलिटिकल रिस्क : वैश्विक अनिश्चितता से गोल्ड सुरक्षित एसेट बना हुआ है।
शहरों में आज के प्रमुख रेट (प्रति 10 ग्राम 24 कैरेट सोना, अनुमानित)
चांदी के रेट (प्रति किलो) : ₹2,43,000-₹2,48,000
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,54,500 | 1,41,700 |
| मुंबई | 1,54,000 | 1,41,200 |
| चेन्नई | 1,54,550 | 1,41,671 |
| कोलकाता | 1,54,300 | 1,41,500 |
| बेंगलुरु | 1,54,400 | 1,41,600 |
विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक स्पॉट प्राइस $5,000 के ऊपर टिकता है और चीन की मांग जारी रहती है, तो भारत में सोने की कीमतें ₹1,58,000-₹1,60,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह है कि रिकवरी के दौरान सावधानी बरतें और लॉन्ग टर्म होल्डिंग पर फोकस करें।
Disclaimer : यह लेख बाजार की वर्तमान स्थिति और ट्रेंड्स पर आधारित है। कीमतें बदल सकती हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।






