केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% की ब्याज दर की सिफारिश की है। यह दर पिछले दो वर्षों से लगातार बरकरार है। श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में हुई 239वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। इससे देश के करोड़ों प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को स्थिर रिटर्न मिलेगा, जबकि वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के बावजूद EPFO ने मजबूत वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है।
EPFO ने 8.25% ब्याज दर बरकरार रखी, करोड़ों सब्सक्राइबर्स को फायदा
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है। यह निर्णय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 239वीं बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने की। यह दर लगातार तीसरे वर्ष स्थिर बनी हुई है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में भी 8.25% ही थी। इससे पहले 2023-24 में भी यही दर लागू की गई थी, जबकि 2022-23 में यह 8.15% थी।
EPFO ने पिछले कई वर्षों से 8 प्रतिशत से ऊपर की ब्याज दर प्रदान की है, जो मुख्य रूप से ETF और अन्य निवेशों से मिले अच्छे रिटर्न के कारण संभव हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं और इक्विटी बाजार में नरमी के बावजूद संगठन ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन बनाए रखा। इस दर को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए जाने के बाद EPFO सदस्यों के खातों में ब्याज जमा करेगा।
वित्त वर्ष 2024-25 में EPFO का परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा। कुल योगदान ₹3,35,628.81 करोड़ रहा, जबकि 2,86,894 नई प्रतिष्ठानों को कवरेज में शामिल किया गया और 1,22,89,244 नए सदस्य जुड़े। संगठन ने 81,48,490 पेंशनभोगियों को सेवा प्रदान की और कुल 6,01,59,608 क्लेम सेटल किए, जिसमें 69,983 EDLI क्लेम शामिल हैं। साथ ही 17,33,046 शिकायतों का निपटारा किया गया और 39,74,501 कॉल्स का जवाब दिया गया।
ब्याज दर का ऐतिहासिक ट्रेंड
| वित्त वर्ष | ब्याज दर (%) |
|---|---|
| 2022-23 | 8.15 |
| 2023-24 | 8.25 |
| 2024-25 | 8.25 |
| 2025-26 | 8.25 |
यह स्थिरता सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि EPF एक सुरक्षित, टैक्स-फ्री (शर्तों के अधीन) और गारंटीड रिटर्न वाला विकल्प है। बाजार की अस्थिरता में यह दर रिटायरमेंट बचत को मजबूती प्रदान करती है। EPFO के अनुसार, अच्छे निवेश रिटर्न के कारण 8% से ऊपर की दर बनाए रखना संभव हुआ है।
सदस्यों पर प्रभाव
देश में EPFO के 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य हैं, जिनमें अधिकांश प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी शामिल हैं। 8.25% की दर पर ब्याज मिलने से रिटायरमेंट कॉर्पस में स्थिर वृद्धि होगी। ब्याज मासिक क्लोजिंग बैलेंस पर गणना की जाती है लेकिन सालाना क्रेडिट होता है। निष्क्रिय खातों (36 महीने से अधिक) पर ब्याज टैक्सेबल हो सकता है।
CBT ने बैठक में इनऑपरेटिव खातों (₹1,000 या उससे कम बैलेंस वाले) में ऑटो-क्लेम सेटलमेंट के पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी, जिससे 1.33 लाख से अधिक खातों में ₹5.68 करोड़ का अनक्लेम्ड बैलेंस प्रभावित होगा।
यह फैसला कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करता है और रिटायरमेंट प्लानिंग में स्थिरता लाता है।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न विश्वसनीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। निवेश संबंधी निर्णय व्यक्तिगत वित्तीय सलाहकार से लें।






