“केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission ने सैलरी, पेंशन और अलाउंस में संशोधन के सुझाव मांगे हैं। आधिकारिक पोर्टल पर 5 मार्च से शुरू होकर 30 अप्रैल 2026 तक मेमोरेंडम जमा करने का समय है। इससे लाखों कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और DA मर्जर जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखने का अवसर मिला है, जबकि रिपोर्ट 18 महीने में प्रस्तुत होगी और प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है।”
8th Pay Commission: सैलरी-पेंशन बढ़ाने का सुझाव देना है? 30 अप्रैल तक भेजें मेमोरेंडम; सरकार ने दिया बड़ा मौका
8th Central Pay Commission ने केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सैलरी, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पोर्टल 5 मार्च 2026 से सक्रिय है और 30 अप्रैल 2026 तक मेमोरेंडम जमा किए जा सकते हैं। यह प्रक्रिया उन 48 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स के लिए महत्वपूर्ण है जिनकी वेतन संरचना 7th Pay Commission के बाद संशोधन की प्रतीक्षा में है।
आयोग ने साफ किया है कि केवल ऑनलाइन माध्यम से ही सुझाव स्वीकार किए जाएंगे। पेपर, ईमेल या हार्ड कॉपी वाले मेमोरेंडम पर विचार नहीं होगा। कर्मचारी, पेंशनर, सर्विस एसोसिएशन, यूनियन, मिनिस्ट्री/डिपार्टमेंट, यूनियन टेरिटरी और रेगुलेटरी बॉडीज के अधिकारी संरचित फॉर्मेट में अपनी मांगें दर्ज करा सकते हैं।
मुख्य बिंदु जो सुझाव में शामिल किए जा सकते हैं
फिटमेंट फैक्टर : 7th Pay Commission में 2.57 था। अब कर्मचारी संगठन 3.25 या इससे अधिक की मांग कर रहे हैं, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 50,000-60,000 रुपये तक पहुंच सकता है।
DA मर्जर : वर्तमान DA स्तर 50-60% के आसपास पहुंच चुका है। कई यूनियन DA को बेसिक पे में मर्ज करने की मांग कर रही हैं।
पेंशन संशोधन : ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली या न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी पर फोकस।
अलाउंस बढ़ोतरी : HRA, TA, मेडिकल और अन्य भत्तों में महंगाई के अनुपात में वृद्धि।
वार्षिक वेतन वृद्धि : 7% या इससे अधिक की मांग।
आरियर्स : 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानकर बैक पेमेंट की उम्मीद।
आयोग की समयसीमा और प्रक्रिया
आयोग को गठन की तिथि (नवंबर 2025) से 18 महीने का समय दिया गया है, यानी रिपोर्ट मई 2027 तक प्रस्तुत हो सकती है। हालांकि, पिछले आयोगों की तरह सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं, जिससे लागू होने पर आरियर्स मिलने की संभावना है। बजट 2026 में कोई सीधी घोषणा नहीं हुई, क्योंकि आयोग की सिफारिशें बाद में आएंगी।
कौन जमा कर सकता है मेमोरेंडम
केंद्रीय कर्मचारी (औद्योगिक और गैर-औद्योगिक)
ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारी
डिफेंस फोर्सेस के कर्मी
यूनियन टेरिटरी के कर्मचारी
सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और सबॉर्डिनेट कोर्ट के अधिकारी (जहां खर्च केंद्र वहन करता है)
पेंशनर
सर्विस एसोसिएशन/यूनियन
मिनिस्ट्री/डिपार्टमेंट/ऑर्गनाइजेशन
सुझाव कैसे जमा करें
आयोग की वेबसाइट (8cpc.gov.in) पर ‘Memorandum Submission’ सेक्शन में जाएं। संरचित फॉर्मेट में डिटेल भरें। नोडल ऑफिसर वाली संस्थाओं के लिए अलग लिंक उपलब्ध होगा। समय पर जमा न करने से सुझाव बाहर हो सकता है।
संभावित प्रभाव
यदि फिटमेंट फैक्टर 3.0 से ऊपर रहता है तो कुल वेतन में 20-40% तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे सरकारी खर्च में 1.5-2 लाख करोड़ रुपये सालाना का बोझ पड़ सकता है। कर्मचारी संगठन फरवरी 2026 में मीटिंग कर चुके हैं और संयुक्त मेमोरेंडम तैयार कर रहे हैं।
यह मौका कर्मचारियों के लिए अपनी मांगें सीधे आयोग तक पहुंचाने का है, जिससे अंतिम सिफारिशें ज्यादा यथार्थवादी और लाभकारी बन सकें।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आधिकारिक अपडेट के लिए 8th Pay Commission की वेबसाइट देखें।






