“केंद्र सरकार ने EPFO के 31.86 लाख इनऑपरेटिव खातों में जमा 10,903 करोड़ रुपये के अनक्लेम्ड फंड को असली हकदारों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में 7.11 लाख खातों (प्रत्येक में 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस) में कुल 30.52 करोड़ रुपये बिना किसी क्लेम या कागजी कार्रवाई के Aadhaar-लिंक्ड बैंक अकाउंट में भेजे जाएंगे। यह पहल लाखों कर्मचारियों को लाभ पहुंचाएगी, जिनके पुराने PF खाते निष्क्रिय हो चुके हैं।”
PF में लावारिस पड़े 10,903 करोड़ रुपये अब लौटेंगे; जानिए पूरी डिटेल और किसे मिलेगा फायदा
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने EPFO के निष्क्रिय खातों में जमा अनक्लेम्ड राशि को सदस्यों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वर्तमान में कुल 31.86 लाख इनऑपरेटिव अकाउंट हैं, जिनमें कुल 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। ये खाते वे हैं जहां पिछले तीन साल से कोई योगदान या ट्रांजेक्शन नहीं हुआ है, जिसके कारण वे इनऑपरेटिव हो गए हैं। कई खाते 20 साल से अधिक पुराने हैं और इनमें छोटी-छोटी रकमें जमा पड़ी हैं।
श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत छोटे बैलेंस वाले खातों से शुरुआत की जाएगी। 7.11 लाख अकाउंट ऐसे हैं जहां बैलेंस 1,000 रुपये या उससे कम है। इन खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं। इन खातों के सदस्यों को बिना किसी आवेदन, दस्तावेज या क्लेम फॉर्म के पैसा सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा।
यह ट्रांसफर केवल उन सदस्यों को मिलेगा जिनके खाते निम्न शर्तों पर पूरे होते हैं:
खाता आधार से लिंक होना चाहिए।
बैंक अकाउंट की जानकारी EPFO के पास पहले से उपलब्ध और EPFO से लिंक होनी चाहिए।
खाता इनऑपरेटिव कैटेगरी में होना चाहिए और बैलेंस 1,000 रुपये तक सीमित हो।
यह पहल उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से राहत लेकर आई है जो नौकरी बदलने, रिटायरमेंट या अन्य कारणों से पुराने PF खातों को भूल जाते हैं। अक्सर छोटी रकम होने के कारण क्लेम करने की प्रक्रिया में कागजी झंझट से लोग परेशान हो जाते हैं, जिससे फंड जमा होता रहता है। सरकार का यह कदम ऐसे मामलों को आसान बनाएगा और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
मुख्य आंकड़े एक नजर में
कुल इनऑपरेटिव अकाउंट: 31.86 लाख
कुल जमा राशि: 10,903 करोड़ रुपये
पहले चरण में लक्षित अकाउंट: 7.11 लाख (बैलेंस ≤ 1,000 रुपये)
पहले चरण में ट्रांसफर राशि: 30.52 करोड़ रुपये
लाभार्थी संख्या (अनुमानित): 31 लाख से अधिक (पूर्ण प्रक्रिया पूरी होने पर)
यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो बाकी 24.75 लाख से अधिक अकाउंट्स (जिनमें अधिक राशि जमा है) के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया विस्तारित की जा सकती है। हालांकि, बड़े बैलेंस वाले मामलों में अतिरिक्त सत्यापन या क्लेम प्रक्रिया की आवश्यकता पड़ सकती है।
कैसे चेक करें अपना इनऑपरेटिव PF अकाउंट?
UAN को EPFO पोर्टल या UMANG ऐप पर लॉगिन करें।
पासबुक में बैलेंस और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखें।
यदि तीन साल से कोई योगदान नहीं दिख रहा तो खाता इनऑपरेटिव माना जाएगा।
KYC (आधार, बैंक, PAN) अपडेट रखें ताकि ट्रांसफर आसान हो।
यह फैसला लाखों भारतीय कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो छोटी-छोटी रकमों से वंचित रह गए थे। सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया और आसान क्लेम प्रक्रिया की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Disclaimer: यह खबर विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश या क्लेम से संबंधित कोई भी निर्णय लेने से पहले EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें।






