“हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने Q3 FY26 में रिपोर्टेड नेट प्रॉफिट 121% बढ़ाकर ₹6,603 करोड़ किया, जो आइसक्रीम बिजनेस डीमर्जर से एक बार का गेन था। लेकिन कोर बिजनेस (कंटिन्यूइंग ऑपरेशंस) का प्रॉफिट 30% गिरकर ₹2,118 करोड़ रहा, EBITDA मार्जिन 70 bps घटकर 23.3% हुआ और वॉल्यूम ग्रोथ सिर्फ 4% रही। निवेशक इस underlying weakness पर फोकस कर रहे हैं, जिससे शेयर 4-5% तक गिर गए।”
HUL Q3 FY26 रिजल्ट की डिटेल एनालिसिस
हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने 12 फरवरी 2026 को दिसंबर 2025 क्वार्टर (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए। कंपनी ने रिपोर्टेड स्तर पर शानदार प्रदर्शन दिखाया, लेकिन underlying बिजनेस में दबाव साफ नजर आया, जिसकी वजह से स्टॉक में तगड़ी गिरावट आई।
मुख्य फाइनेंशियल हाइलाइट्स
कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू : ₹16,235 करोड़ से ₹16,580 करोड़ तक (सोर्स के अनुसार थोड़ा अंतर), YoY 5-6% ग्रोथ। कंटिन्यूइंग ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹16,441 करोड़, 5.6-6% ऊपर।
अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ (USG) : 5%, जिसमें अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ (UVG) 4% और प्राइस ग्रोथ 1%।
EBITDA : ₹3,788 करोड़, YoY 3% बढ़ा।
EBITDA मार्जिन : 23.3%, पिछले साल के 24% से 70 bps कम।
रिपोर्टेड PAT : ₹6,603 करोड़ से ₹6,607 करोड़, YoY 121% उछाल (आइसक्रीम डीमर्जर से ₹4,611 करोड़ का एक बार का पॉजिटिव इंपैक्ट)।
कोर PAT (एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़कर) : ₹2,118 करोड़ से ₹2,562 करोड़, YoY फ्लैट से 1% ग्रोथ या 30% गिरावट (कंटिन्यूइंग बिजनेस में)।
अन्य खास : नए लेबर कोड्स से ₹576 करोड़ का एक्सेप्शनल लॉस, Zywie Ventures में 49% स्टेक ₹824 करोड़ में एक्वायर।
सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस
HUL के प्रमुख सेगमेंट्स में मिक्स्ड रिजल्ट रहे:
ब्यूटी एंड पर्सनल केयर : मजबूत डिमांड, लेकिन कॉम्पिटिशन से प्रेशर।
होम केयर : वॉल्यूम में सुधार, लेकिन इनपुट कॉस्ट हाई।
फूड्स एंड रिफ्रेशमेंट : आइसक्रीम डीमर्जर के बाद फोकस शिफ्ट, लेकिन ओवरऑल ग्रोथ मॉडेस्ट।
कुल वॉल्यूम ग्रोथ 4% : एनालिस्ट एक्सपेक्टेशन (2-3%) से बेहतर, लेकिन प्राइसिंग पावर कमजोर रहने से रेवेन्यू ग्रोथ लिमिटेड।
शेयर प्राइस में गिरावट की वजहें
रिपोर्टेड प्रॉफिट में भारी उछाल के बावजूद शेयर 4-5% तक गिरे (ट्रेडिंग में ₹2,355-₹2,419 के आसपास)। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मुख्य वजहें:
वन-टाइम गेन पर फोकस : 121% PAT ग्रोथ आइसक्रीम बिजनेस (Kwality Wall’s) डीमर्जर से आई एक बार की कमाई से थी। कोर बिजनेस का प्रॉफिट फ्लैट या नेगेटिव।
मार्जिन कंप्रेशन : इनपुट कॉस्ट, एडवरटाइजिंग और प्रमोशन खर्च बढ़ने से EBITDA मार्जिन 70 bps घटा। कंपनी ग्रोथ पर फोकस कर रही है, लेकिन शॉर्ट टर्म प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित।
डिमांड रिकवरी स्लो : ग्रामीण और अर्बन दोनों में कंज्यूमर स्पेंडिंग में सुधार, लेकिन इनफ्लेशन और कॉम्पिटिशन से प्राइसिंग में दबाव।
वैल्यूएशन हाई : स्टॉक FY27 ईयरनिंग्स पर 50x ट्रेड कर रहा था, ऐसे में कोई डिसअपॉइंटमेंट निवेशकों को पसंद नहीं आया।
मार्केट सेंटिमेंट : Nifty पर भी HUL की वजह से नेगेटिव इंपैक्ट, FMCG सेक्टर में ब्रॉडर स्लोडाउन का डर।
एक्सपर्ट ओपिनियन
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि HUL का फोकस पोर्टफोलियो ट्रांसफॉर्मेशन (जैसे Zywie एक्विजिशन, हेल्थ एंड वेलबीइंग पर जोर) पर है, जो लॉन्ग टर्म ग्रोथ देगा। लेकिन शॉर्ट टर्म में मार्जिन प्रेशर और मॉडेस्ट USG से निवेशक निराश हैं। कंपनी मैनेजमेंट ने डिमांड रिकवरी के संकेत दिए हैं, लेकिन FY26 के लिए मार्जिन गाइडेंस 22-23% के आसपास रखा है।
कुल मिलाकर, Q3 रिजल्ट हेडलाइन में मजबूत दिखे, लेकिन कोर बिजनेस की कमजोरी ने निवेशकों का भरोसा कम किया। आने वाले क्वार्टर में वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन रिकवरी पर नजर रहेगी।






