“PhonePe ने जनवरी 2026 में SEBI के पास UDRHP फाइल किया है, जो पूरी तरह से OFS पर आधारित है और 5.07 करोड़ शेयरों की बिक्री शामिल है। कंपनी का IPO अप्रैल 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसमें Walmart और Tiger Global जैसे निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। H1 FY26 में रेवेन्यू 3,918 करोड़ रुपये रही, जबकि adjusted EBITDA 253.9 करोड़ रुपये। GMP वर्तमान में 0 रुपये है, लेकिन जैसे-जैसे IPO नजदीक आएगा, इसमें उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। कंपनी UPI में 49% मार्केट शेयर के साथ फाइनेंशियल सर्विसेज और नए प्लेटफॉर्म्स में विस्तार कर रही है।”
PhonePe, भारत का प्रमुख UPI पेमेंट प्लेटफॉर्म, अब स्टॉक मार्केट में एंट्री करने की तैयारी में है। कंपनी ने SEBI के पास updated draft red herring prospectus (UDRHP) फाइल किया है, जिसमें पूरी तरह से offer for sale (OFS) शामिल है। इससे निवेशकों को PhonePe के शेयरों में निवेश करने का मौका मिलेगा, जो रोजमर्रा के ट्रांजेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले ऐप से जुड़ा है।
कंपनी के बैकर्स में Walmart, Microsoft और Tiger Global जैसे ग्लोबल दिग्गज शामिल हैं, जो अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहे हैं। IPO से कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे। PhonePe की UPI में मजबूत पकड़ इसे फाइनेंशियल सर्विसेज में आगे बढ़ने का आधार दे रही है, जहां यह लेंडिंग, इंश्योरेंस और मर्चेंट सर्विसेज में विस्तार कर रही है।
IPO की मुख्य डिटेल्स
इश्यू टाइप : पूरी तरह OFS, कोई फ्रेश इश्यू नहीं।
शेयरों की संख्या : करीब 5.07 करोड़ इक्विटी शेयर।
लिस्टिंग : BSE और NSE पर प्रस्तावित।
लीड मैनेजर : Kotak Mahindra Capital Company Limited।
रजिस्ट्रार : KFin Technologies Limited।
संभावित लॉन्च : अप्रैल 2026।
वैल्यूएशन लक्ष्य : रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी 15 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन पर नजर रख रही है, जो भारतीय फिनटेक सेक्टर में बड़ा माइलस्टोन होगा।
PhonePe की ग्रोथ पेमेंट्स से आगे बढ़कर फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स तक पहुंच गई है। कंपनी ने रेगुलेटरी चेंजेस के बावजूद, जैसे रेंट पेमेंट्स और रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध, अपनी रेवेन्यू को बनाए रखा है। इन चेंजेस से कंपनी को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का रेवेन्यू इम्पैक्ट हुआ, लेकिन यह फ्यूचर-प्रूफ स्ट्रैटजी पर फोकस कर रही है।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स
PhonePe की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मजबूत रही है, जो UPI के स्केल पर आधारित है। यहां कुछ प्रमुख आंकड़े:
| वित्तीय वर्ष/पीरियड | रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (₹ करोड़) | ग्रोथ (%) | Adjusted EBITDA (₹ करोड़) | मुख्य रेवेन्यू सोर्स |
|---|---|---|---|---|
| FY25 (पूर्ण वर्ष) | 7,114 | 40 | N/A | पेमेंट्स (91%+), मर्चेंट सर्विसेज |
| H1 FY26 | 3,918 | 22 | 253.9 | पेमेंट्स (82.5%), लेंडिंग और इंश्योरेंस |
कंपनी की 49% UPI मार्केट शेयर इसे प्रतिस्पर्धियों जैसे Google Pay और Paytm से आगे रखती है। H1 FY26 में पेमेंट्स सर्विसेज से 82.5% रेवेन्यू आया, जबकि बाकी लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से। PhonePe अब कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स जैसे Pincode और Share.Market में भी एक्सपैंड कर रही है, जो यूजर्स को ई-कॉमर्स और स्टॉक ट्रेडिंग ऑप्शंस देती हैं।
GMP क्या है और कितना?
Grey Market Premium (GMP) IPO से पहले शेयरों की अनऑफिशियल ट्रेडिंग को दर्शाता है। PhonePe IPO के लिए GMP वर्तमान में 0 रुपये है, जो इंगित करता है कि ग्रे मार्केट में शेयर इश्यू प्राइस पर ही ट्रेड हो रहे हैं। यह शुरुआती स्टेज में सामान्य है, क्योंकि IPO डेट्स और प्राइस बैंड अभी घोषित नहीं हुए हैं। जैसे-जैसे IPO नजदीक आएगा, GMP में बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर कंपनी की मजबूत यूजर बेस (50 करोड़+ रजिस्टर्ड यूजर्स) और ग्रोथ पोटेंशियल को देखते हुए। निवेशक GMP को ट्रैक करें, लेकिन यह रिस्की इंडिकेटर है और SEBI-रेगुलेटेड नहीं।
निवेशकों के लिए प्रमुख पॉइंट्स
मार्केट पोजिशन : PhonePe UPI ट्रांजेक्शन में लीडर है, जो भारत के डिजिटल इकोनॉमी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कंपनी की स्केल (मासिक 1.5 बिलियन+ ट्रांजेक्शन) इसे फिनटेक में मजबूत बनाती है।
विस्तार योजनाएं : पेमेंट्स के अलावा, कंपनी लेंडिंग में AUM 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का लक्ष्य रख रही है। इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन में 5 मिलियन+ पॉलिसी बेची जा चुकी हैं।
रेगुलेटरी इम्पैक्ट : 2025 में हुए चेंजेस से रेवेन्यू प्रभावित हुआ, लेकिन कंपनी ने इसे ऑफसेट करने के लिए नए सेगमेंट्स में फोकस किया।
रिस्क फैक्टर्स : UPI में जीरो MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) से मोनेटाइजेशन चुनौतीपूर्ण है। कंपनी को प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी चेंजेस से निपटना होगा।
निवेश सलाह : IPO में हिस्सा लेने से पहले DRHP पढ़ें। रिटेल निवेशकों के लिए मिनिमम लॉट साइज और प्राइस बैंड महत्वपूर्ण होंगे। ब्रोकरेज हाउसेज जैसे Bernstein ने कंपनी की UPI डोमिनेंस को ‘हुक’ बताया है, जो निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।
PhonePe की IPO फाइलिंग फिनटेक सेक्टर में बदलाव दर्शाती है, जहां लिक्विडिटी इवेंट्स फ्रेश कैपिटल से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं। कंपनी की स्ट्रैटजी स्केल को रेवेन्यू में बदलने पर है, जो भारतीय निवेशकों के लिए आकर्षक ऑप्शन बन सकती है।
Disclaimer: यह लेख समाचार, रिपोर्ट, टिप्स, स्रोतों पर आधारित है।






