‘न रेड लाइन क्रॉस की और न ही किसानों के हितों से समझौता किया’, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले पीयूष गोयल

By Ravi Singh

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पीयूष गोयल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में किसानों की सुरक्षा पर जोर दिया, संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को पूरी तरह बाहर रखा गया, एमएसएमई और हथकरघा सेक्टर को कोई नुकसान नहीं, निर्यात अवसर बढ़ेंगे जबकि अमेरिकी उत्पादों पर सख्ती बरती गई।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर स्पष्ट किया कि सरकार ने किसी भी रेड लाइन को पार नहीं किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस डील में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ, बल्कि कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान की गई है। गोयल ने विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि समझौते में अमेरिकी जीएम उत्पादों को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, जो किसानों की एक प्रमुख चिंता थी।

समझौते के तहत भारत ने अपने पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका से बेहतर टैरिफ प्राप्त किए हैं। जहां चीन पर 35 प्रतिशत से अधिक टैरिफ लगे हैं, वहीं बांग्लादेश और वियतनाम पर 25 प्रतिशत, लेकिन भारत को इससे काफी कम टैरिफ का लाभ मिला है। गोयल ने कहा कि यह डील भारत के निर्यात को बढ़ावा देगी, खासकर श्रम-गहन क्षेत्रों में जैसे टेक्सटाइल, अपैरल, प्लास्टिक, होम डेकोर, लेदर और फुटवेयर।

समझौते की मुख्य विशेषताएं

कृषि और डेयरी की सुरक्षा : संवेदनशील कृषि उत्पादों जैसे अनाज, फल, सब्जियां, मसाले, तिलहन, डेयरी, पोल्ट्री और मीट को पूरी तरह बाहर रखा गया। कोई भी अमेरिकी कृषि उत्पाद जो भारतीय किसानों को नुकसान पहुंचा सकता है, उसे बाजार पहुंच नहीं दी गई।

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एमएसएमई और हथकरघा पर फोकस : इन सेक्टरों को कोई क्षति नहीं पहुंचेगी। समझौता इन क्षेत्रों की रक्षा करते हुए नए बाजार खोलता है।

निर्यात अवसर : भारत के उत्पादों जैसे जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑर्गेनिक केमिकल्स, रबर गुड्स, मशीनरी और एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स को अमेरिकी बाजार में प्राथमिकता मिलेगी।

टैरिफ लाभ : भारत अब अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर स्थिति में है, जो आर्थिक विकास को गति देगा।

गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोगों को गुमराह कर रहा है, जबकि वास्तव में समझौता किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखते हुए रोजगार सृजन पर केंद्रित है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी क्षेत्रों की रक्षा की है, और इस डील में भी कोई समझौता नहीं किया गया।

आर्थिक प्रभाव और अवसर

यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्यों से जुड़ा है। गोयल ने बताया कि डील से भारत के निर्यात में वृद्धि होगी, जो एमएसएमई को मजबूत करेगी। उदाहरण के तौर पर, टेक्सटाइल सेक्टर में टैरिफ कम होने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इसी तरह, जूते और चमड़े के सामान के निर्यात में उछाल आएगा।

समझौते में उर्वरक और कृषि संवेदनशीलताओं को पूरी तरह ध्यान में रखा गया। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत में भारत की सख्त रुख अपनाया गया, जिससे कोई भी अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचा जा सके। गोयल ने कहा कि यह डील भारत के पड़ोसियों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ है, जो आर्थिक अवसरों को बढ़ाएगी।

प्रभावित सेक्टरों की सूची

सेक्टरलाभसुरक्षा उपाय
टेक्सटाइल और अपैरलअमेरिकी बाजार में कम टैरिफ से निर्यात बढ़ेगाकोई अमेरिकी आयात जो स्थानीय उत्पादकों को नुकसान पहुंचाए, बाहर रखा
जेम्स एंड ज्वेलरीप्राथमिक पहुंच से रोजगार वृद्धिएमएसएमई की रक्षा सुनिश्चित
लेदर और फुटवेयरनए बाजार अवसरसंवेदनशील उत्पादों पर सख्ती
कृषि (अनाज, फल आदि)कोई समझौता नहींपूरी तरह बाहर, जीएम उत्पाद प्रतिबंधित
डेयरीकिसानों की आजीविका सुरक्षितअमेरिकी डेयरी उत्पादों को प्रवेश नहीं
एमएसएमईविकास के अवसरकोई नुकसान नहीं, फोकस पर रक्षा

गोयल ने संसद में भी इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता किसान हैं। उन्होंने कहा कि समझौता तथ्यों पर आधारित है, न कि अफवाहों पर। मंत्री ने जोर दिया कि भारत-अमेरिका संयुक्त बयान जल्द जारी होगा, जिसमें सभी विवरण होंगे, लेकिन संदेश स्पष्ट है – किसानों के हित सुरक्षित हैं।

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विपक्षी आरोपों का जवाब

राहुल गांधी ने डील को किसान-विरोधी बताते हुए आलोचना की, लेकिन गोयल ने इसे भ्रामक करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहा है। मंत्री ने उदाहरण दिए कि पिछले समझौतों में भी सरकार ने किसानों की रक्षा की, और इस बार भी यही नीति अपनाई गई। गोयल ने कहा कि डील से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, जो अंततः किसानों को लाभ पहुंचाएगी।

समझौते से सीफूड, इंजीनियरिंग गुड्स और अन्य क्षेत्रों में भी वृद्धि की उम्मीद है। गोयल ने बताया कि यह डील लगभग एक साल की गहन बातचीत का नतीजा है, जिसमें भारत ने अपनी संवेदनशीलताओं को प्राथमिकता दी।

भविष्य के प्रभाव

यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति प्रदान करेगा। गोयल ने कहा कि इससे रोजगार सृजन होगा, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां एमएसएमई सक्रिय हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी स्थिति में किसानों की रक्षा से पीछे नहीं हटेगी।

Disclaimer: This news report is based on official statements and reliable sources.

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Ravi Singh

मेरा नाम रवि सिंह है, मैं एक कंटेंट राइटर के तौर पर काम करता हूँ और मुझे लेख लिखना बहुत पसंद है। 4 साल के ब्लॉगिंग अनुभव के साथ मैं हमेशा दूसरों को प्रेरित करने और उन्हें सफल ब्लॉगर बनाने के लिए ज्ञान साझा करने के लिए तैयार रहता हूँ।

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