“आज के कारोबार में TCS, Infosys समेत प्रमुख IT स्टॉक्स में चौथे लगातार दिन गिरावट जारी रही, Nifty IT इंडेक्स 1% से अधिक टूटा। AI disruption की आशंका से सेक्टर 32% अपने पीक से नीचे है, पिछले चार सेशन में 9.5% की गिरावट। एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि वैल्यूएशन आकर्षक होने पर चुनिंदा स्टॉक्स में लॉन्ग-टर्म निवेश का मौका, लेकिन शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें।”
TCS-Infosys जैसे IT स्टॉक्स में लगातार चौथे दिन गिरावट, क्या है वजह? एक्सपर्ट्स ने क्या दी सलाह
आज भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर पर दबाव बरकरार है। Nifty IT इंडेक्स सुबह के कारोबार में 1.1% गिरकर 32,360 के स्तर पर पहुंचा, जो पिछले चार ट्रेडिंग सेशन में कुल 9.5% की गिरावट दर्शाता है। यह इंडेक्स दिसंबर 2025 के अपने रिकॉर्ड हाई 41,530 से अब 32% नीचे है, जो 2008 की वित्तीय संकट के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।
TCS का शेयर आज marginal गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, जबकि Infosys 2% से अधिक टूटकर 1,341 रुपये पर पहुंचा। Infosys पिछले पांच दिनों में 10% और पिछले एक महीने में 20% से ज्यादा गिर चुका है। Tech Mahindra 1% से अधिक, Wipro और LTIMindtree लगभग 1% नीचे हैं। HCL Technologies और Mphasis भी लाल निशान में हैं, हालांकि Coforge और Persistent Systems जैसे कुछ मिडकैप स्टॉक्स हल्की बढ़त में हैं।
गिरावट की मुख्य वजहें
AI Disruption का बढ़ता डर जेनरेटिव और एजेंटिक AI के तेज विकास से भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल पर खतरा मंडरा रहा है। Application development, maintenance और testing जैसे कामों में AI ऑटोमेशन से डिमांड घट सकती है। अमेरिकी AI स्टार्टअप्स जैसे Anthropic के नए टूल्स ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है। सेक्टर के राजस्व ग्रोथ में लंबे समय तक असर पड़ने की आशंका से निवेशक बिकवाली कर रहे हैं।
मार्केट वैल्यू में भारी नुकसान पिछले आठ सेशन में IT सेक्टर से 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मार्केट वैल्यू खत्म हो चुकी है। Nifty IT इंडेक्स पिछले कुछ हफ्तों में 8-9% और कुल मिलाकर 19% तक गिरा है। TCS, Infosys और HCL Tech जैसे हेवीवेट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। TCS का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ से नीचे आ गया है।
वैल्यूएशन में बदलाव मौजूदा कीमतों पर TCS, Infosys और HCL Tech के लिए 10-वर्षीय रेवेन्यू CAGR सिर्फ 4-5.6% अनुमानित है, जो सेक्टर के लंबे समय के औसत से कम है। एक्सट्रीम बियर केस में जहां ग्रोथ जीरो हो जाए, तो 30% से ज्यादा downside संभव है। हालांकि, कई ब्रोकरेज अब “deep value” देख रहे हैं।
एक्सपर्ट्स की सलाह
लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अवसर – JPMorgan जैसी ग्लोबल फर्म्स Infosys और TCS को overweight रेटिंग दे रही हैं। वे मानते हैं कि भारतीय IT कंपनियां टेक्नोलॉजी की “प्लंबर” हैं और AI disruption से पूरी तरह प्रभावित नहीं होंगी। वैल्यूएशन अब ऐतिहासिक औसत से नीचे हैं, डिविडेंड यील्ड क्राइसिस लेवल पर हाई है। चुनिंदा स्टॉक्स में डिप खरीदने का मौका है, लेकिन पोर्टफोलियो में 10-15% से ज्यादा एक्सपोजर न रखें।
शॉर्ट-टर्म में सतर्कता – Geojit और Motilal Oswal के एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI fears और US मार्केट की कमजोरी से सेंटिमेंट कमजोर रहेगा। मजबूत US डेटा से रेट कट की उम्मीदें घटी हैं, जो IT एक्सपोर्टर्स के लिए नेगेटिव है। निवेशक IT से अन्य सेक्टर्स जैसे बैंकिंग या कंज्यूमर में शिफ्ट कर सकते हैं।
क्या करें निवेशक
अगर होल्डिंग है तो panic sell न करें, क्योंकि वैल्यूएशन आकर्षक हैं।
नए निवेश के लिए SIP जारी रखें, लेकिन लंपसम में सावधानी बरतें।
AI-अडॉप्शन वाली कंपनियों जैसे Persistent Systems पर नजर रखें, जो बेहतर परफॉर्म कर रही हैं।
कुल मिलाकर, सेक्टर में रिकवरी के लिए AI में कंपनियों की एडाप्टेशन और क्लाइंट डिमांड रिवाइवल जरूरी है।
मार्केट ओवरव्यू Sensex और Nifty आज मामूली गिरावट के साथ खुले, लेकिन IT की कमजोरी से दबाव बना रहा। अन्य सेक्टर्स जैसे प्राइवेट बैंक और हेल्थकेयर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।






